संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (CBT) तकनीकें
CBT चिंता विकारों के लिए सबसे व्यापक रूप से शोधित मनोचिकित्सा है, जिसकी प्रभावकारिता का समर्थन 300 से अधिक नियंत्रित परीक्षणों द्वारा किया गया है। मूल सिद्धांत यह है कि विकृत विचार (संज्ञानात्मक विकृतियां) चिंताजनक भावनाओं और परिहार व्यवहारों को चलाते हैं। इन विचारों को व्यवस्थित रूप से पहचानकर और पुनर्गठित करके, आप केवल लक्षणों का प्रबंधन करने के बजाय उनके स्रोत पर चिंता को कम कर सकते हैं।
संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (CBT) तकनीकें — चरण-दर-चरण गाइड
चिंताजनक विचार की पहचान करें
उस विशिष्ट विचार को लिखें जो आपकी चिंता को प्रेरित कर रहा है। सटीक रहें — 'मुझे काम की चिंता है' के बजाय, सटीक भय को पकड़ें: 'मुझे लगता है कि मेरे प्रबंधक सोचते हैं कि मैं अक्षम हूं और मुझे निकाल देंगे।'
साक्ष्य की जांच करें
इस विचार का समर्थन करने वाले ठोस साक्ष्य सूचीबद्ध करें, फिर इसका खंडन करने वाले साक्ष्य सूचीबद्ध करें। भावनाओं नहीं, तथ्यों पर टिके रहें। उदाहरण: 'मेरी पिछली प्रदर्शन समीक्षा सकारात्मक थी' विचार के विरुद्ध साक्ष्य के रूप में गिनती है।
संज्ञानात्मक विकृति की पहचान करें
सोच के पैटर्न को लेबल करें। आम विकृतियों में विनाशकारी सोच (सबसे खराब मान लेना), मन पढ़ना (यह मान लेना कि आप जानते हैं दूसरे क्या सोचते हैं), सब-या-कुछ-नहीं सोच, और भविष्यवाणी करना (निश्चितता के साथ नकारात्मक परिणामों की भविष्यवाणी) शामिल हैं।
विचार को पुनर्व्याख्यित करें
विचार का अधिक संतुलित, यथार्थवादी संस्करण लिखें। यह सकारात्मक सोच नहीं है — यह सटीक सोच है। उदाहरण: 'मेरे प्रबंधक ने मुझे रचनात्मक प्रतिक्रिया दी है, जो काम का एक सामान्य हिस्सा है, न कि यह संकेत कि मुझे निकाल दिया जाएगा।'
नई धारणा का परीक्षण करें
यह परीक्षण करने के लिए एक छोटा व्यवहारिक प्रयोग डिज़ाइन करें कि पुनर्व्याख्यित विचार सही है या नहीं। उदाहरण के लिए, अपने प्रबंधक से सीधे अपने हालिया काम पर प्रतिक्रिया मांगें। परिणाम को ट्रैक करें और अपनी मूल भविष्यवाणी से तुलना करें।
अपनी प्रगति ट्रैक करें
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